Show answer & explanation
Correct answer: B
पद्यांश में 'रघुनंदन' (अर्थात राम) को संबोधित कर शक्ति की आराधना और रावण को ध्वस्त करने को कहा गया है। यह निराला की 'राम की शक्ति-पूजा' का अंश है, जिसमें जाम्बवान राम को संबोधित कर रहे हैं।
Show answer & explanation
Correct answer: C
रघुनंदन का आशय राम से है (कथन I सही)। पद्यांश के अनुसार 'तब तक लक्ष्मण हैं महावाहिनी के नायक' — अतः महावाहिनी के नायक लक्ष्मण हैं, सुग्रीव नहीं (कथन II ग़लत)।
Show answer & explanation
Correct answer: B
'दृढ़ आराधन' का अर्थ है दृढ़ निश्चय से की गई कठिन साधना/उपासना। शक्ति की पूजा हेतु अटल एवं कठोर साधना यहाँ अभिप्रेत है।
Show answer & explanation
Correct answer: B
'भय' (डर) का विलोम 'निर्भय' (निडर) है। 'डर' तो भय का पर्याय है, विलोम नहीं।
Show answer & explanation
Correct answer: A
शक्ति के पर्यायवाची हैं — बल, सामर्थ्य, ताकत। 'उग्र' (तीव्र/प्रचंड) और 'अक्षय' (जो क्षय न हो) शक्ति के पर्यायवाची नहीं हैं। अतः (B) और (D)।
Show answer & explanation
Correct answer: C
'भल्ल' का अर्थ भालू है। 'मैं भल्ल-सैन्य' कहने वाला वक्ता भालुओं की सेना का नायक जाम्बवंत है, जो भालुओं की सेना का प्रतिनिधित्व करता है।
Show answer & explanation
Correct answer: C
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे विशेषण कहते हैं। उदा.: काला घोड़ा, अच्छा लड़का।
Show answer & explanation
Correct answer: D
जिस शब्द से किसी कार्य के करने या होने का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं। उदा.: खाना, पढ़ना, सोना।
Show answer & explanation
Correct answer: D
'आभ्यंतर' का अर्थ है भीतरी/आंतरिक; इसका विलोम 'बाह्य' (बाहरी) है।
Show answer & explanation
Correct answer: A
अधोलेख (पत्र के अंत में, हस्ताक्षर के ऊपर लिखा जाने वाला शब्द) के रूप में 'भवदीय' प्रयुक्त होता है। 'महोदय', 'महाशय' आदि संबोधन हैं।
Show answer & explanation
Correct answer: C
कार्यालयी/सरकारी पत्रों में संबोधन के लिए 'सेवा में' का प्रयोग होता है। 'प्रिय', 'बंधुवर', 'मित्रवर' अनौपचारिक पत्रों के संबोधन हैं।
Show answer & explanation
Correct answer: C
कार्यालय आदेश, अर्द्धशासकीय पत्र और अधिसूचना कार्यालयी/सरकारी पत्र के रूप हैं। 'शोक पत्र' व्यक्तिगत/अनौपचारिक पत्र है, कार्यालयी पत्र नहीं।
Show answer & explanation
Correct answer: B
'उन्नत' (ऊँचा/विकसित) का विलोम 'अवनत' (नीचा/पतित) है।
Show answer & explanation
Correct answer: A
वर्णमाला क्रम: अधिकार (अधि), आत्मनिर्भरता (आत्म), आयातित (आया), उदाहरण (उ), नवीनतम (न)। 'आत्मनिर्भरता' में 'त्म' < 'या' से पहले आता है, अतः आत्मनिर्भरता पहले, फिर आयातित। क्रम = (B) अधिकार, (C) आत्मनिर्भरता, (A) आयातित, (D) उदाहरण, (E) नवीनतम।
Show answer & explanation
Correct answer: B
प्रत्यय-मूल शब्द मिलान: कार→अधिकार (अधि+कार), इक→आर्थिक (अर्थ+इक), तम→नवीनतम (नवीन+तम), ता→आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर+ता)। अतः A-II, B-IV, C-I, D-III।
Show answer & explanation
Correct answer: C
कथन I गद्यांश के अनुरूप सही है। गद्यांश के अनुसार आत्मनिर्भरता बढ़ाना और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना सांस्कृतिक उन्नयन के लिए 'अनिवार्य है' — अतः कथन II ('अनिवार्य नहीं है') ग़लत है।
Show answer & explanation
Correct answer: A
'अवदान' का अर्थ है योगदान/दान/contribution। इसका निकटतम पर्यायवाची 'अनुदान' है। गद्यांश में भी 'भारतीय अवदान' अर्थात भारतीय योगदान के संदर्भ में प्रयुक्त है।
Show answer & explanation
Correct answer: B
गद्यांश के अनुसार ज्ञान आदान-प्रदान की चीज़ है (A सही) और किसी उपलब्धि को भूगोल तक सीमित नहीं किया जा सकता (C सही)। B, D, E गद्यांश के विरुद्ध हैं। अतः केवल (A) और (C)।
Show answer & explanation
Correct answer: A
इस लोकोक्ति का अर्थ है — मूल कारण को ही समाप्त कर देना ताकि समस्या ही न रहे। बाँस ही न रहेगा तो बाँसुरी कैसे बजेगी।
Show answer & explanation
Correct answer: B
स्वाभाविक रूप से बगुला मछली खाता है; यहाँ मछली बगुले को खा रही है — अर्थात बिल्कुल विपरीत/अनहोनी बात होना।
Show answer & explanation
Correct answer: C
अध्यक्ष = अधि (उपसर्ग) + अक्ष। संधि के बाद 'अधि' का इ + अ = य बन गया, अतः उपसर्ग 'अधि' है।
Show answer & explanation
Correct answer: A
विशेषण विकारी शब्द है जो संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताता है (कथन I सही)। जिस संज्ञा की विशेषता बताई जाए उसे विशेष्य कहते हैं (कथन II सही)। दोनों सही।
Show answer & explanation
Correct answer: C
अपादान—'से' (अलगाव), करण—'से, द्वारा' (साधन), संप्रदान—'के लिए, वास्ते', संबंध—'का, की, के'। अतः A-II, B-IV, C-I, D-III।
Show answer & explanation
Correct answer: A
'चाहता है' इच्छा प्रकट करती है, अतः यह इच्छाबोधक (इच्छार्थक) क्रिया है।
Show answer & explanation
Correct answer: C
'और' समुच्चयबोधक अव्यय है जो दो शब्दों (दूध, पानी) को जोड़ता है। 'को' कारक विभक्ति, 'है' क्रिया है।
Show answer & explanation
Correct answer: D
स्वर संधि के पाँच भेद हैं — दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण और अयादि संधि।
Show answer & explanation
Correct answer: D
यह तुलसीदास की हनुमान चालीसा की प्रसिद्ध पंक्ति है, जो दोहा छंद में है (13+11 मात्राएँ, चार चरण)।
Show answer & explanation
Correct answer: C
'पसेरी' = पाँच सेर का समूह — संख्यावाचक विशेषण से बना समास द्विगु है, जिसमें समूह/समाहार का बोध होता है।
Show answer & explanation
Correct answer: C
श्लेष अलंकार में शब्द एक ही बार प्रयुक्त होता है पर अनेक अर्थ देता है (कथन I सही)। जब शब्द एक से अधिक बार आए और अर्थ भिन्न हो तो वह यमक होता है, श्लेष नहीं (कथन II ग़लत)।
Show answer & explanation
Correct answer: B
यहाँ वियोग की पीड़ा का अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन है — मृग मुख में घास लिए रह जाते, मोर नाचना छोड़ देते, लताएँ आँसू बहाती हैं। यह अतिशयोक्ति अलंकार है।
Show answer & explanation
Correct answer: A
भरत मुनि ने नाट्यशास्त्र में मूलतः आठ रसों का वर्णन किया (शांत रस बाद में जोड़ा गया) — कथन I सत्य। रस के चार अवयव — स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव, संचारी/व्यभिचारी भाव — कथन II सत्य। दोनों सत्य।
Show answer & explanation
Correct answer: C
'गुण' का विलोम 'अवगुण'/'दोष' होता है, 'सद्गुण' नहीं (सद्गुण तो गुण का ही पर्याय है)। अतः 'गुण–सद्गुण' विपरीतार्थक युग्म सही नहीं है।
Show answer & explanation
Correct answer: D
काँच, नृत्य, दीपक पुल्लिंग हैं। 'घटा' और 'कक्षा' स्त्रीलिंग हैं। अतः केवल (B), (C) और (E) पुल्लिंग हैं।
Show answer & explanation
Correct answer: B
अनल=अग्नि (II), अनिल=वायु (I), वसुधा=पृथ्वी (III), दिनकर=सूर्य=प्रभाकर (IV)। अतः A-II, B-I, C-III, D-IV।
Show answer & explanation
Correct answer: B
अंबुज, नलिन, अरविंद कमल के पर्यायवाची हैं। 'सुमन' का अर्थ फूल (सामान्य) और 'मुकुल' का अर्थ कली है — ये कमल के विशिष्ट पर्यायवाची नहीं हैं। अतः केवल (D) और (E)।
Show answer & explanation
Correct answer: D
जो अधिक/व्यर्थ बोलता है उसके लिए एक शब्द 'वाचाल' है।
Show answer & explanation
Correct answer: C
जानने की इच्छा=जिज्ञासा (IV), जिसकी उपमा न हो=अनुपम (I), जो बहुत जानता है=बहुज्ञ (II), जल में जन्म लेने वाला=जलज (III)। अतः A-IV, B-I, C-II, D-III।
Show answer & explanation
Correct answer: B
'द्विज' के अर्थ हैं — पक्षी, दाँत, ब्राह्मण और चंद्रमा (दो बार उदित/जन्म लेने वाला)। 'तक्षक' (एक नाग/सर्प) से द्विज का संबंध नहीं है।
Show answer & explanation
Correct answer: C
'गाय की रंग काली है' अशुद्ध है; शुद्ध रूप होगा 'गाय का रंग काला है' (रंग पुल्लिंग है)। शेष वाक्य शुद्ध हैं।
Show answer & explanation
Correct answer: D
क्षीर, अग्नि, पुष्प तत्सम (संस्कृत) शब्द हैं। 'पगड़ी' देशज शब्द है (जिसका मूल संस्कृत/विदेशी नहीं, लोकप्रचलित)।
Show answer & explanation
Correct answer: A
शुद्ध शब्द 'स्वयंवर' है (स्वयं + वर)। शेष वर्तनी अशुद्ध हैं।
Show answer & explanation
Correct answer: C
ईदगाह—प्रेमचंद (III), पुरस्कार—जयशंकर प्रसाद (I), तीसरी कसम—फणीश्वर नाथ रेणु (IV), उसने कहा था—चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी' (II)। अतः A-III, B-I, C-IV, D-II।
Show answer & explanation
Correct answer: D
बड़े घर की बेटी, नमक का दारोगा और ईदगाह प्रेमचंद की कहानियाँ हैं। 'पुरस्कार' जयशंकर प्रसाद की कहानी है, प्रेमचंद की नहीं।
Show answer & explanation
Correct answer: C
अच्छे पत्र में उद्देश्य की स्पष्टता, शिष्टाचार और सहजता आवश्यक हैं। 'दुरूहता' (कठिनता) और 'अपेक्षित त्रुटि' अच्छे पत्र के गुण नहीं, दोष हैं। अतः केवल (A), (C) और (D)।
Show answer & explanation
Correct answer: D
'कर्मठ' (परिश्रमी, कार्यकुशल) का विलोम 'अकर्मण्य' (आलसी, निकम्मा) है।
Show answer & explanation
Correct answer: C
प्रत्यय के दो भेद होते हैं — कृत् प्रत्यय और तद्धित प्रत्यय।
Show answer & explanation
Correct answer: A
'कान काटना' मुहावरे का अर्थ है — किसी को मात देना/पराजित करना, अपने से अधिक चतुर/चालाक होना।
Show answer & explanation
Correct answer: C
'पुरंदर' इंद्र का पर्यायवाची है (नगरों/असुरों को नष्ट करने वाला)। 'देवाधिदेव'/'देवों के देव' तो शिव/विष्णु के लिए प्रयुक्त होते हैं।
Show answer & explanation
Correct answer: C
'रामचरितमानस' गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध रचना है, जो अवधी भाषा में लिखी गई है।
Show answer & explanation
Correct answer: D
श्लेष, यमक, अनुप्रास शब्दालंकार हैं (शब्द पर आधारित)। 'उपमा' अर्थालंकार है (अर्थ पर आधारित), शब्दालंकार नहीं।
Original question paper source: National Testing Agency (NTA), CUET (UG) 2024. Reproduced for educational use. Answers & explanations by UniDrill.