विलोम शब्द
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एक नज़र में
- विलोम शब्द (विपरीतार्थक) वे होते हैं जिनका अर्थ किसी शब्द के उलटा होता है — दिन × रात, सुख × दुख, आदि × अंत।
- CUET में किसी शब्द का विलोम पूछा जाता है, या विकल्पों में से सही विपरीत शब्द चुनवाया जाता है। कई विलोम उपसर्ग (अ, अन, नि, दुर, कु, सु) लगाकर बनते हैं — ज्ञान × अज्ञान, सफल × असफल।
- सर्वोत्तम विधि है — विलोम को जोड़ों में याद करना (शब्द और उसका विपरीत साथ-साथ), और उपसर्ग से बनने वाले विलोमों का नियम समझना।
- परीक्षा-सत्य: +5 / −1। सबसे सटीक विपरीत चुनो; पर्यायवाची को गलती से विलोम मत समझो।
भाग 1 — अत्यधिक पूछे जाने वाले विलोम
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| आदि | अंत | आय | व्यय |
| आकाश | पाताल | अमृत | विष |
| उत्थान | पतन | उदय | अस्त |
| एकता | अनेकता | कृत्रिम | प्राकृतिक |
| क्रय | विक्रय | गुण | दोष |
| घृणा | प्रेम | जन्म | मृत्यु |
| ज्ञान | अज्ञान | ठंडा | गरम |
| तीव्र | मंद | दानव | देव |
| दिन | रात | धनी | निर्धन |
| निंदा | स्तुति | नूतन | पुरातन |
| पाप | पुण्य | प्रकाश | अंधकार |
| बंधन | मुक्ति | भूत | भविष्य |
| मित्र | शत्रु | मौन | वाचाल |
| यश | अपयश | राग | द्वेष |
| लाभ | हानि | विजय | पराजय |
| शुभ | अशुभ | संयोग | वियोग |
| सुगम | दुर्गम | सजीव | निर्जीव |
| स्वतंत्र | परतंत्र | हर्ष | विषाद |
| क्षणिक | शाश्वत | आदर | अनादर |
| उपकार | अपकार | सरल | कठिन |
भाग 2 — उपसर्ग से बनने वाले विलोम
| उपसर्ग | भाव | उदाहरण जोड़े |
|---|---|---|
| अ / अन | नहीं | संभव × असंभव, उचित × अनुचित |
| नि / निर | रहित | सगुण × निर्गुण, आकार × निराकार |
| दुर / दुस | बुरा/कठिन | सुगम × दुर्गम, सुलभ × दुर्लभ |
| कु | बुरा | सुपुत्र × कुपुत्र, सुमार्ग × कुमार्ग |
| सु | अच्छा | दुर्गंध × सुगंध (विपरीत दिशा में) |
| वि / प्र | विशेष/विरुद्ध | सम × विषम, वृत्ति × निवृत्ति |
सावधानी: उपसर्ग संकेत देते हैं, गारंटी नहीं। हर शब्द का विलोम केवल "अ" लगाकर नहीं बनता; सही जोड़ा याद रखना अधिक सुरक्षित है।
भाग 3 — और महत्वपूर्ण विलोम-जोड़े
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| अल्प | अधिक | आगामी | विगत |
| उन्नति | अवनति | आरोह | अवरोह |
| उत्कर्ष | अपकर्ष | आस्तिक | नास्तिक |
| ऋण | धन | औचित्य | अनौचित्य |
| कटु | मधुर | खंडन | मंडन |
| गौरव | लाघव | चर | अचर |
| जागरण | निद्रा | तरल | ठोस |
| दृश्य | अदृश्य | निर्माण | विनाश |
| परिश्रमी | आलसी | बाढ़ | सूखा |
| भौतिक | आध्यात्मिक | मानव | दानव |
| योग | वियोग | रक्षक | भक्षक |
| विस्तार | संक्षेप | शयन | जागरण |
| सार्थक | निरर्थक | स्थावर | जंगम |
| हास | रुदन | ज्येष्ठ | कनिष्ठ |
भाग 4 — विधि एवं सुझाव
- जोड़ों में याद करो — शब्द और विलोम सदा साथ; अकेला शब्द आधा ज्ञान है।
- उपसर्ग पहचानो — अ/अन/नि/दुर लगते ही प्रायः विपरीत अर्थ बन जाता है।
- समान कोटि का विलोम चुनो — संज्ञा का विलोम संज्ञा, विशेषण का विशेषण।
- पर्यायवाची-जाल से बचो — विकल्पों में दिया समानार्थी शब्द विलोम नहीं होता।
भाग 5 — सामान्य भ्रम (ट्रैप)
- पर्याय बनाम विलोम — "कटु" का विलोम "मधुर" है, "तिक्त" (पर्याय) नहीं।
- आंशिक विपरीत — "उष्ण" का सटीक विलोम "शीत" है, केवल "ठंडा-सा" नहीं।
- उपसर्ग का भ्रम — हर "अ" वाला शब्द विलोम नहीं; "अमर" का विलोम "मर्त्य/नश्वर" है।
- कोटि-भेद — क्रिया के लिए क्रिया-विलोम चुनो, संज्ञा का नहीं।
भाग 6 — हल किए हुए उदाहरण
- "उत्थान" का विलोम → पतन।
- "आस्तिक" का विलोम → नास्तिक।
- "सुगम" का विलोम → दुर्गम।
- "रक्षक" का विलोम → भक्षक।
- "क्षणिक" का विलोम → शाश्वत।
- "आरोह" का विलोम → अवरोह।
- "मौन" का विलोम → वाचाल।
- "उत्कर्ष" का विलोम → अपकर्ष।
- "जंगम" का विलोम → स्थावर।
- "ज्येष्ठ" का विलोम → कनिष्ठ।
भाग 6ख — और विलोम-जोड़े (विस्तृत अभ्यास)
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| अनुराग | विराग | अधम | उत्तम |
| आविर्भाव | तिरोभाव | इहलोक | परलोक |
| उग्र | सौम्य | एकल | सामूहिक |
| कृपण | दानी | गरिमा | लघिमा |
| ग्राह्य | त्याज्य | चेतन | जड़ |
| जय | पराजय | ज्योति | तम |
| तिमिर | प्रकाश | दुर्जन | सज्जन |
| निरामिष | सामिष | प्रवृत्ति | निवृत्ति |
| बर्बर | सभ्य | भोगी | योगी |
| मूक | वाचाल | राजा | रंक |
| लौकिक | अलौकिक | विधि | निषेध |
| शुक्ल | कृष्ण | संग्रह | त्याग |
| सकाम | निष्काम | सुर | असुर |
| स्वकीय | परकीय | हित | अहित |
| आरंभ | समापन | आहार | अनाहार |
भाग 6ग — विलोम आधारित अभ्यास
- "अनुराग" का विलोम → विराग।
- "कृपण" का विलोम → दानी।
- "चेतन" का विलोम → जड़।
- "प्रवृत्ति" का विलोम → निवृत्ति।
- "भोगी" का विलोम → योगी।
- "लौकिक" का विलोम → अलौकिक।
- "सकाम" का विलोम → निष्काम।
- "शुक्ल" का विलोम → कृष्ण।
- "ग्राह्य" का विलोम → त्याज्य।
- "इहलोक" का विलोम → परलोक।
भाग 7 — विलोम सटीकता और कोटि दोनों माँगते हैं
विलोम के प्रश्न देखने में सरल लगते हैं, पर परीक्षा उनमें दो प्रकार के जाल बिछाती है, और दोनों से बचना ही पूरे अंक दिलाता है। पहला जाल है पर्यायवाची का भ्रम — विकल्पों में अक्सर एक शब्द ऐसा रखा जाता है जो दिए गए शब्द का समानार्थी होता है, विपरीत नहीं; जैसे "कटु" के साथ "तिक्त" रख देना, जबकि सही विलोम "मधुर" है। सावधान विद्यार्थी पहले तय करता है कि उसे उल्टा अर्थ चाहिए, और किसी भी समान-अर्थी विकल्प को तुरंत छोड़ देता है। दूसरा जाल है कोटि-भेद — विलोम सदा उसी व्याकरणिक कोटि का होना चाहिए जिस कोटि का मूल शब्द है; संज्ञा का विलोम संज्ञा, विशेषण का विशेषण, क्रिया का क्रिया। इसके अतिरिक्त उपसर्ग एक शक्तिशाली उपकरण है — अ, अन, नि, निर, दुर, कु जैसे उपसर्ग जोड़ते ही प्रायः विपरीत अर्थ बन जाता है (संभव × असंभव, आकार × निराकार, सुगम × दुर्गम) — पर यह उपकरण अंधाधुंध नहीं चलता; "अमर" का विलोम "अनमर" नहीं बल्कि "मर्त्य" या "नश्वर" है। इसलिए सर्वोत्तम नीति है — सामान्य उपसर्ग-नियम समझो, पर महत्वपूर्ण जोड़ों को जोड़े के रूप में कंठस्थ करो, ताकि अपवादों में भी सही उत्तर तुरंत याद आए। यही संतुलन — नियम का ज्ञान और जोड़ों का अभ्यास — विलोम को परीक्षा का सबसे विश्वसनीय अंक-स्रोत बना देता है।
भाग 8 — विलोम बनाने के व्यवस्थित नियम
यद्यपि महत्वपूर्ण विलोम जोड़ों में याद करने चाहिए, फिर भी कुछ व्यवस्थित नियम जान लेने से अनेक विलोम स्वयं बनाए जा सकते हैं, और अपरिचित शब्द आने पर भी अनुमान सही बैठता है। पहला नियम — उपसर्ग जोड़ना: अधिकांश संस्कृत-मूल शब्दों के आगे अ, अन, नि, निर, दुर, कु, वि जोड़ने से विपरीत अर्थ बनता है — संभव/असंभव, आदि/अनादि, सगुण/निर्गुण, गुण/अवगुण, सुगम/दुर्गम। दूसरा नियम — उपसर्ग बदलना: यदि शब्द में पहले से कोई उपसर्ग है, तो उसे विपरीत उपसर्ग से बदल दें — उत्थान/पतन में "उत्" (ऊपर) के विरुद्ध "पतन" (गिरना), आरोह/अवरोह में "आ" के विरुद्ध "अव", प्रवृत्ति/निवृत्ति में "प्र" के विरुद्ध "नि"। तीसरा नियम — पूर्णतः भिन्न शब्द: कुछ विलोम किसी नियम से नहीं बनते, बल्कि बिलकुल अलग शब्द होते हैं — दिन/रात, मित्र/शत्रु, जीवन/मृत्यु, सुख/दुख; इन्हें केवल याद ही किया जा सकता है। चौथा नियम — लिंग-परिवर्तन से नहीं: ध्यान रहे, विलोम और स्त्रीलिंग में भ्रम न करें — "राजा" का विलोम "रानी" नहीं बल्कि "रंक/प्रजा" है (रानी तो स्त्रीलिंग है)। इन नियमों को समझकर आप विलोम के प्रश्नों में नियम और स्मृति दोनों का सहारा ले सकते हैं, जिससे अपरिचित शब्द भी आपको चौंका नहीं पाते।
भाग 9 — विलोम बनाम पर्यायवाची: निर्णायक अंतर
परीक्षा में सबसे अधिक भूल इसी बिंदु पर होती है कि विद्यार्थी जल्दबाज़ी में पर्यायवाची को ही विलोम चुन बैठता है, क्योंकि प्रश्नकर्ता जान-बूझकर विकल्पों में एक समानार्थी शब्द रख देता है। इससे बचने का अचूक उपाय है — विकल्प पढ़ने से पहले मन में उस शब्द का उल्टा अर्थ सोच लेना, फिर उसी से मिलता विकल्प चुनना। उदाहरण के लिए, यदि "उत्कर्ष" का विलोम पूछा जाए और विकल्पों में "उन्नति", "प्रगति", "अपकर्ष", "विकास" हों, तो ध्यान दीजिए — "उन्नति", "प्रगति", "विकास" तीनों पर्यायवाची हैं, केवल "अपकर्ष" ही विपरीत है। यदि आपने पहले से "नीचे गिरना/ह्रास" सोच रखा होगा, तो तीनों समानार्थी विकल्प तुरंत छँट जाएँगे। यही "पहले उत्तर सोचो, फिर मिलाओ" विधि विलोम-प्रश्नों की सबसे विश्वसनीय कुंजी है। साथ ही व्याकरणिक कोटि का ध्यान रखें — संज्ञा का विलोम संज्ञा होगा, विशेषण का विशेषण — जिससे गलत कोटि के आकर्षक विकल्प स्वयं अस्वीकृत हो जाते हैं।
भाग 10 — इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें
भाग 1 और भाग 3 के जोड़ों को साथ-साथ (शब्द + विलोम) याद करें, उपसर्ग-नियम (भाग 2 व 8) से सरल विलोम बनाना सीखें, हर प्रश्न में कोटि जाँचें और पर्यायवाची-जाल को छोड़ें (भाग 7 व 9), फिर अभ्यास प्रश्न हल करें।
एक पंक्ति का सार: विलोम उसी कोटि का सटीक विपरीत है — जोड़ों में याद करो, उपसर्ग (अ/अन/नि/दुर) का सावधानी से प्रयोग करो, और दिए गए समानार्थी विकल्प को विलोम मत समझो।
Practice questions
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Q1. 'ज्येष्ठ' का विलोम शब्द चुनिए।
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Answer: B
'ज्येष्ठ' का अर्थ है बड़ा या आयु में अधिक। इसका विलोम 'कनिष्ठ' है जिसका अर्थ है छोटा या आयु में कम।
Q2. 'गुरु' शब्द का विलोम (जब अर्थ 'भारी' हो) क्या होगा?
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Answer: B
जब 'गुरु' का अर्थ 'भारी' या बड़ा होता है, तब इसका मानक विलोम 'लघु' (छोटा/हल्का) होता है। 'शिष्य' केवल 'गुरु = शिक्षक' अर्थ का विलोम है।
Q3. 'आस्तिक' शब्द का उपयुक्त विलोम है—
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Answer: B
'आस्तिक' वह है जो ईश्वर में विश्वास रखता है। इसका विलोम 'नास्तिक' है जो ईश्वर में विश्वास नहीं रखता।
Q4. 'उर्वर' शब्द का सही विलोम है—
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Answer: A
'उर्वर' का अर्थ है उपजाऊ भूमि। इसका विलोम 'बंजर' है जिसका अर्थ है जिसमें कुछ न उपजे।
Q5. 'सापेक्ष' शब्द का उपयुक्त विलोम है—
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Answer: B
'सापेक्ष' का अर्थ है किसी की अपेक्षा रखने वाला (relative)। इसका विलोम 'निरपेक्ष' है जिसका अर्थ है जो किसी पर निर्भर न हो (absolute)।
Q6. 'अल्पज्ञ' शब्द का उपयुक्त विलोम है—
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Answer: A
'अल्पज्ञ' का अर्थ है थोड़ा जानने वाला। इसका मानक विलोम 'सर्वज्ञ' है जिसका अर्थ है सब कुछ जानने वाला।
Q7. 'आरोह' का विलोम शब्द चुनिए।
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Answer: A
'आरोह' का अर्थ है चढ़ाव या ऊपर की ओर जाना। इसका मानक विलोम 'अवरोह' है जिसका अर्थ है उतार या नीचे की ओर आना।
Q8. 'मौखिक' का विलोम शब्द चुनिए।
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Answer: B
'मौखिक' का अर्थ है मुख से कहा हुआ। इसका मानक विलोम 'लिखित' है जिसका अर्थ है लिखा हुआ।
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