वाक्य शुद्धि और वर्तनी
वाक्य शुद्धि और वर्तनी is a frequently tested area in CUET Hindi. Work through these free NTA-style sample questions with full answers and explanations, then attempt all 35 in a timed practice test to build exam-day speed.
एक नज़र में
- वाक्य-शुद्धि में किसी अशुद्ध वाक्य को व्याकरण के नियमों के अनुसार शुद्ध करना होता है। अशुद्धियाँ वर्तनी, लिंग, वचन, कारक, क्रिया, क्रम और पुनरुक्ति से संबंधित होती हैं।
- CUET में अशुद्ध वाक्य का शुद्ध रूप चुनवाया जाता है, या वाक्य का वह भाग पहचानवाया जाता है जिसमें त्रुटि है।
- विश्वसनीय विधि है — वाक्य को नियम-दर-नियम जाँचना (लिंग → वचन → कारक → क्रिया-संगति → क्रम → पुनरुक्ति), न कि केवल "जो ठीक सुनाई दे" उसे चुनना।
- परीक्षा-सत्य: +5 / −1। एक टूटे नियम को पहचानो और शुद्ध रूप चुनो।
भाग 1 — अशुद्धियों के प्रमुख प्रकार
| प्रकार | अशुद्ध | शुद्ध |
|---|---|---|
| लिंग दोष | मैंने एक अच्छा पुस्तक पढ़ी। | मैंने एक अच्छी पुस्तक पढ़ी। |
| वचन दोष | वहाँ अनेक छात्र खड़ा था। | वहाँ अनेक छात्र खड़े थे। |
| कारक दोष | राम को घर गया। | राम घर गया। |
| क्रिया-संगति | वे लोग जा रहा है। | वे लोग जा रहे हैं। |
| पुनरुक्ति | वह केवल मात्र पाँच रुपये लाया। | वह केवल पाँच रुपये लाया। |
| क्रम दोष | मैंने पुस्तक पढ़ी कल। | मैंने कल पुस्तक पढ़ी। |
| पद दोष | वह विद्यालय को गया। | वह विद्यालय गया। |
भाग 2 — लिंग-संबंधी शुद्धि (विशेषण-संज्ञा संगति)
विशेषण का लिंग संज्ञा के अनुसार होना चाहिए:
- अशुद्ध: "यह अच्छा लड़की है।" → शुद्ध: "यह अच्छी लड़की है।"
- अशुद्ध: "मोटा गाय खड़ी है।" → शुद्ध: "मोटी गाय खड़ी है।"
- निर्जीव लिंग रूढ़ हैं: "रोटी" स्त्रीलिंग, "दही" पुल्लिंग — विशेषण व क्रिया उसी अनुसार।
भाग 3 — वचन व क्रिया-संगति
कर्ता के वचन के अनुसार क्रिया होनी चाहिए:
- अशुद्ध: "बच्चे खेल रहा है।" → शुद्ध: "बच्चे खेल रहे हैं।"
- अशुद्ध: "अनेक समस्या है।" → शुद्ध: "अनेक समस्याएँ हैं।"
- आदरसूचक: "गुरुजी आया।" → शुद्ध: "गुरुजी आए।"
भाग 4 — सामान्य पुनरुक्ति-दोष (एक ही अर्थ दो बार)
| अशुद्ध (पुनरुक्ति) | शुद्ध |
|---|---|
| केवल मात्र | केवल / मात्र |
| आपस में परस्पर | आपस में / परस्पर |
| पुनः दोबारा | पुनः / दोबारा |
| सर्वसम्मति से एकमत | सर्वसम्मति से |
| अनेकों | अनेक |
| दोनों एक-दूसरे को | एक-दूसरे को |
| निरपराध बेकसूर | निरपराध |
| ज़रूरत आवश्यकता | ज़रूरत / आवश्यकता |
भाग 5 — विधि (वाक्य को क्रमशः जाँचें)
- लिंग जाँचो — विशेषण व क्रिया संज्ञा के लिंग से मेल खाते हैं?
- वचन जाँचो — कर्ता एकवचन/बहुवचन के अनुसार क्रिया?
- कारक जाँचो — सही विभक्ति-चिह्न (ने/को/से/में) लगा है? अनावश्यक तो नहीं?
- क्रिया-संगति — काल और पुरुष के अनुसार क्रिया?
- पुनरुक्ति/क्रम — कोई शब्द दो बार एक ही अर्थ में? शब्द-क्रम सही?
भाग 6 — हल किए हुए उदाहरण
- अशुद्ध: "मुझे एक गिलास दूध चाहिए।" → सही (दूध पुल्लिंग) — सावधानी से जाँचें।
- अशुद्ध: "वह अच्छा कविता सुनाता है।" → शुद्ध: "वह अच्छी कविता सुनाता है।"
- अशुद्ध: "बच्चे दौड़ रहा है।" → शुद्ध: "बच्चे दौड़ रहे हैं।"
- अशुद्ध: "राम को बाज़ार गया।" → शुद्ध: "राम बाज़ार गया।"
- अशुद्ध: "वह केवल मात्र दो रुपये लाया।" → शुद्ध: "वह केवल दो रुपये लाया।"
- अशुद्ध: "उसने अनेकों पुस्तकें पढ़ीं।" → शुद्ध: "उसने अनेक पुस्तकें पढ़ीं।"
- अशुद्ध: "गुरुजी पढ़ाता है।" → शुद्ध: "गुरुजी पढ़ाते हैं।"
- अशुद्ध: "मैंने पढ़ी पुस्तक कल।" → शुद्ध: "मैंने कल पुस्तक पढ़ी।"
- अशुद्ध: "मोटा भैंस।" → शुद्ध: "मोटी भैंस।"
- अशुद्ध: "वे आपस में परस्पर लड़े।" → शुद्ध: "वे परस्पर लड़े।"
भाग 7 — सामान्य भ्रम (ट्रैप)
- निर्जीव लिंग — "दही जमी" अशुद्ध (दही पुल्लिंग) → "दही जमा"; रूढ़ लिंग याद रखें।
- अनावश्यक कारक-चिह्न — "घर को गया" अशुद्ध → "घर गया"।
- पुनरुक्ति छिपी होती है — "केवल मात्र", "अनेकों" जैसी पुनरुक्ति पकड़नी कठिन।
- आदरसूचक क्रिया — आदरणीय कर्ता के लिए बहुवचन क्रिया।
भाग 8 — नियम-दर-नियम जाँच कान से क्यों बेहतर है
वाक्य-शुद्धि में सबसे बड़ी भूल यह है कि विद्यार्थी वाक्य को "कान से" जाँचता है — जो ठीक सुनाई दे, उसे शुद्ध मान लेता है। यह विधि असफल होती है, क्योंकि हमारी बोलचाल की हिंदी में अनेक अशुद्धियाँ इतनी प्रचलित हैं कि वे "सही" सुनाई देती हैं — "अनेकों लोग", "केवल मात्र", "गुरुजी आया", "अच्छा कविता" — इन सबको कान सहज स्वीकार कर लेता है, जबकि व्याकरण इन्हें अशुद्ध ठहराता है। इसलिए विश्वसनीय विधि है — एक निश्चित जाँच-सूची के अनुसार वाक्य को परखना, चाहे वह कैसा भी सुनाई दे। सबसे पहले लिंग जाँचिए — हर विशेषण और क्रिया का लिंग उसकी संज्ञा से मेल खाना चाहिए, और निर्जीव वस्तुओं के रूढ़ लिंग (रोटी स्त्रीलिंग, दही पुल्लिंग) इस जाँच में सर्वाधिक भूल कराते हैं। फिर वचन और क्रिया-संगति देखिए — कर्ता एकवचन है या बहुवचन, और क्रिया उसी के अनुसार है या नहीं; आदरसूचक कर्ता के लिए सदा बहुवचन क्रिया आती है। इसके बाद कारक जाँचिए — कहीं अनावश्यक "को/ने/से" तो नहीं लगा (जैसे "घर को गया" में "को" अनावश्यक है)। फिर पुनरुक्ति खोजिए — कोई शब्द एक ही अर्थ दो बार तो नहीं दे रहा ("केवल मात्र", "आपस में परस्पर")। अंत में शब्द-क्रम देखिए। यह पाँच-चरणीय जाँच पहले धीमी लगती है, पर अभ्यास से तेज़ हो जाती है और कान की अपेक्षा कहीं अधिक विश्वसनीय है, क्योंकि यह आपकी आदतन भूलों को भी पकड़ लेती है। यही अनुशासन वाक्य-शुद्धि को निश्चित अंक का भाग बना देता है।
भाग 9 — इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें
अशुद्धियों के प्रकार (भाग 1) और पुनरुक्ति-दोष (भाग 4) को उदाहरण सहित याद करें, और हर वाक्य को पाँच-चरणीय जाँच (भाग 5, 8) से परखें — लिंग, वचन, कारक, क्रिया-संगति, पुनरुक्ति/क्रम। निर्जीव लिंग और छिपी पुनरुक्ति (भाग 7) पर विशेष अभ्यास करें।
एक पंक्ति का सार: वाक्य-शुद्धि कान से नहीं, नियम-दर-नियम जाँच से करो — लिंग, वचन, कारक, क्रिया-संगति और पुनरुक्ति क्रमशः परखो, क्योंकि अनेक अशुद्धियाँ बोलचाल में "सही" सुनाई देती हैं।
Practice questions
Now test yourself. 8 free sample questions with explanations. 27 more in the timed practice test.
Q1. 'यह बात मैंने अपने कानों से सुनी' की तरह नीचे दिए वाक्यों में से कौन-सा वचन की दृष्टि से शुद्ध है?
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Answer: A
'अनेक' बहुवचन का भाव देता है, अतः संज्ञा 'पुस्तकें' (बहुवचन) तथा क्रिया 'हैं' (बहुवचन) सही हैं। 'अनेकों' अशुद्ध प्रयोग है।
Q2. 'केवल राम ही एक ऐसा विद्यार्थी है जो प्रथम आया' — इस वाक्य की अशुद्धि दूर करने वाला शुद्ध वाक्य कौन-सा है?
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Answer: A
'केवल' और 'एक' दोनों एक साथ आने से पुनरुक्ति-दोष होता है। 'केवल ... ही' पर्याप्त है, इसलिए 'एक' हटाना शुद्ध है।
Q3. 'मैंने उसे एक अच्छी पुस्तक दी' की तरह नीचे दिए वाक्यों में से कौन-सा लिंग की दृष्टि से शुद्ध है?
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Answer: A
'मृत्यु' स्त्रीलिंग शब्द है, अतः 'उसकी मृत्यु' तथा क्रिया 'हो गई' (स्त्रीलिंग) सही है। 'उसका/हो गया' लिंग-दोष है।
Q4. निम्नलिखित में से किस शब्द की वर्तनी शुद्ध है?
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Answer: A
'परि + ईक्षा' से बना शुद्ध शब्द 'परीक्षा' है, जिसमें संधि से दीर्घ 'ई' तथा 'क्ष' आता है। 'परिक्षा' अशुद्ध है।
Q5. 'आज मौसम बहुत सुहावना और मनोरम है' की तरह नीचे दिए वाक्यों में से कौन-सा शुद्ध है?
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Answer: A
'प्रतिदिन' स्वयं 'हर दिन/रोज़' का अर्थ देता है, अतः उसके साथ 'हर' या 'रोज़' जोड़ना पुनरुक्ति-दोष है। 'वह प्रतिदिन मंदिर जाता है' शुद्ध है।
Q6. निम्नलिखित में से किस शब्द की वर्तनी शुद्ध है?
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Answer: A
'निः + संदेह' से बना शुद्ध रूप 'निःसंदेह' है, जिसमें विसर्ग सुरक्षित रहता है। विसर्ग छोड़ देना अशुद्ध है।
Q7. 'उसने अपना सारा धन गरीबों में बाँट दिया' की तरह नीचे दिए वाक्यों में से कौन-सा शुद्ध है?
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Answer: A
'स्रोत' की शुद्ध वर्तनी 'स्रोत' है (श्रोत नहीं); 'कविता' स्त्रीलिंग है अतः 'उसकी'। 'स्रोत' पुल्लिंग है इसलिए 'बहता है' सही है।
Q8. निम्नलिखित में से किस शब्द की वर्तनी शुद्ध है?
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Answer: A
शुद्ध शब्द 'द्वितीय' है, जिसमें 'द्वि' ह्रस्व तथा 'तीय' में दीर्घ 'ई' आती है। 'द्वितिय' एवं 'द्वीतीय' अशुद्ध हैं।
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