Home / CUET Subjects / Hindi / वचन, लिंग और कारक
Exam Topic CUET Hindi · 102 40 practice MCQs

वचन, लिंग और कारक

वचन, लिंग और कारक is a frequently tested area in CUET Hindi. Work through these free NTA-style sample questions with full answers and explanations, then attempt all 40 in a timed practice test to build exam-day speed.

⏱️ Timed practice test ⚡ Flashcards ← All Hindi topics

एक नज़र में

भाग 1 — वचन (संख्या)

हिंदी में दो वचन हैं — एकवचन (एक) और बहुवचन (एक से अधिक)।

नियम एकवचन → बहुवचन
आकारांत पुल्लिंग : आ → ए लड़का → लड़के, घोड़ा → घोड़े
अन्य पुल्लिंग : प्रायः अपरिवर्तित पिता → पिता, राजा → राजा
आकारांत स्त्रीलिंग : आ → एँ माता → माताएँ, कन्या → कन्याएँ
इकारांत/ईकारांत स्त्रीलिंग : ि/ी → इयाँ नदी → नदियाँ, लड़की → लड़कियाँ
अन्य स्त्रीलिंग : + एँ/याँ बात → बातें, गाय → गायें
आदरसूचक बहुवचन पिताजी आए हैं (एक के लिए भी)

भाग 2 — लिंग (पुल्लिंग / स्त्रीलिंग)

हिंदी में दो लिंग हैं। प्राणिवाचक शब्दों में लिंग प्रायः स्वाभाविक होता है; निर्जीव वस्तुओं में रूढ़ि से तय होता है।

पुल्लिंग स्त्रीलिंग (रूप-परिवर्तन)
लड़का → लड़की
घोड़ा → घोड़ी
नर → नारी / मादा
राजा → रानी
पुत्र → पुत्री
शिक्षक → शिक्षिका
लेखक → लेखिका
देव → देवी
बालक → बालिका
नायक → नायिका

सावधानी (निर्जीव लिंग रूढ़ हैं): दही, घी, मक्खन, लोहा, पानी पुल्लिंग; रोटी, दाल, चीनी, मेज़, पुस्तक, नदी स्त्रीलिंग — इन्हें याद रखना पड़ता है।

भाग 3 — कारक : आठ कारक एवं उनके चिह्न (विभक्ति)

कारक संज्ञा/सर्वनाम का क्रिया या अन्य शब्द से संबंध बताता है। हिंदी में आठ कारक हैं; इनके चिह्नों को परसर्ग (विभक्ति) कहते हैं।

कारक विभक्ति-चिह्न प्रश्न उदाहरण
कर्ता ने (या शून्य) किसने? राम ने पत्र लिखा।
कर्म को किसको? क्या? राम ने श्याम को देखा।
करण से, के द्वारा किससे? वह कलम से लिखता है।
संप्रदान को, के लिए किसके लिए? माँ बच्चे के लिए लाई।
अपादान से (अलग होना) किससे (अलग)? पेड़ से पत्ता गिरा।
संबंध का, के, की किसका? यह राम का घर है।
अधिकरण में, पर कहाँ? किसमें? जल में मछली है।
संबोधन हे!, अरे!, ओ! हे राम! रक्षा करो।

भाग 4 — करण और अपादान का "से" (महत्वपूर्ण भेद)

दोनों में चिह्न "से" है, पर अर्थ भिन्न:

भाग 5 — हल किए हुए उदाहरण

  1. "लड़का" का बहुवचन → लड़के।
  2. "नदी" का बहुवचन → नदियाँ।
  3. "बात" का बहुवचन → बातें।
  4. "शिक्षक" का स्त्रीलिंग → शिक्षिका।
  5. "राजा" का स्त्रीलिंग → रानी।
  6. "राम ने खाया।" → कारक = कर्ता।
  7. "गुरु को प्रणाम।" → कारक = कर्म/संप्रदान (अर्थानुसार)।
  8. "छत से गिरा।" → कारक = अपादान।
  9. "कलम से लिखा।" → कारक = करण।
  10. "घर में दीपक।" → कारक = अधिकरण।

भाग 6 — सामान्य भ्रम (ट्रैप)

भाग 7 — कारक : वाक्य की रीढ़ क्यों है

कारक हिंदी वाक्य-रचना की रीढ़ है, क्योंकि यही बताता है कि वाक्य में कौन क्या कर रहा है, किसके साथ, किसके लिए और कहाँ — अर्थात क्रिया के चारों ओर के सभी संबंध। यदि कारक की समझ कच्ची हो, तो न केवल कारक के प्रश्न छूटते हैं, बल्कि वाक्य-शुद्धि और अनुवाद जैसे अन्य भाग भी कठिन लगते हैं। कारक पहचानने की सबसे विश्वसनीय विधि है — क्रिया से प्रश्न पूछना। क्रिया करने वाले के लिए "किसने?" पूछिए — उत्तर कर्ता है। जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़े उसके लिए "किसको/क्या?" पूछिए — उत्तर कर्म है। "किस साधन से?" का उत्तर करण, "किसके लिए?" का उत्तर संप्रदान, "किससे अलग?" का उत्तर अपादान, "किसका?" का उत्तर संबंध, और "कहाँ/किसमें?" का उत्तर अधिकरण है। यह प्रश्न-विधि उन कठिन स्थितियों में विशेष रूप से सहायक है जहाँ एक ही विभक्ति-चिह्न दो कारकों में आता है — जैसे "से" करण और अपादान दोनों में, तथा "को" कर्म और संप्रदान दोनों में। ऐसे में केवल चिह्न देखकर निर्णय मत कीजिए; अर्थ देखिए — "वह छुरी से फल काटता है" में "से" साधन है (करण), जबकि "वह गाँव से आया" में "से" अलगाव है (अपादान)। इसी प्रकार "उसने मित्र को बुलाया" में "को" क्रिया का सीधा फल है (कर्म), पर "उसने मित्र के लिए उपहार लिया" में संप्रदान का भाव है। इस अर्थ-आधारित विधि को अपनाते ही कारक के प्रश्न, जो विभक्ति-चिह्नों के दोहराव से भ्रामक लगते हैं, स्पष्ट और निश्चित हो जाते हैं।

भाग 8 — इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें

वचन (भाग 1) और लिंग (भाग 2) के रूप-परिवर्तन नियम याद करें, निर्जीव शब्दों के रूढ़ लिंग रटें, आठ कारक और उनके विभक्ति-चिह्न (भाग 3) कंठस्थ करें, और कारक पहचानने के लिए क्रिया से प्रश्न पूछने की विधि (भाग 7) अपनाएँ। करण-अपादान तथा कर्म-संप्रदान के "से/को" भेद (भाग 4, 6) पर विशेष अभ्यास करें।

एक पंक्ति का सार: वचन व लिंग रूप-परिवर्तन के नियमों से बदलते हैं, और कारक संज्ञा का क्रिया से संबंध है — आठ कारक व उनके चिह्न याद करो, और क्रिया से प्रश्न ("किसने/किसको/किससे") पूछकर कारक तय करो, क्योंकि "से" और "को" दो-दो कारकों में आते हैं।

Practice questions

Now test yourself. 8 free sample questions with explanations. 32 more in the timed practice test.

Q1. 'राजा' शब्द का बहुवचन रूप 'घोड़ा>घोड़े' वाले नियम से नहीं बनता। इसका सही बहुवचन क्या है?

▸ Show answer & explanation

Answer: A

संबंधवाचक/उपाधिवाचक आकारांत पुल्लिंग शब्द जैसे 'राजा', 'पिता', 'चाचा', 'नेता' बहुवचन में अपरिवर्तित रहते हैं — 'पाँच राजा आए'। इन पर आकारांत >'ए' नियम लागू नहीं होता।

Q2. 'कुत्ता' का स्त्रीलिंग रूप क्या है?

▸ Show answer & explanation

Answer: C

'कुत्ता' का रूढ़ स्त्रीलिंग रूप 'कुतिया' है, जैसे बंदर>बंदरिया प्रकार के 'इया' प्रत्यय से बनता है। शेष रूप व्यवहार में अमान्य हैं।

Q3. 'हे ईश्वर! मेरी रक्षा करो।' इस वाक्य में 'हे ईश्वर!' किस कारक का उदाहरण है?

▸ Show answer & explanation

Answer: B

किसी को पुकारने या संबोधित करने पर संबोधन कारक होता है, चिह्न 'हे/अरे/ओ!'। 'हे ईश्वर!' पुकार है, अतः संबोधन कारक।

Q4. 'विद्यालय से छुट्टी हो गई।' इस वाक्य में 'विद्यालय से' किस कारक का उदाहरण है?

▸ Show answer & explanation

Answer: D

यहाँ 'से' अलगाव/निकलने का भाव दर्शाता है — छुट्टी विद्यालय से प्रारंभ होकर अलग होने का बोध कराती है, अतः अपादान कारक। करण कारक में 'से' साधन का बोधक होता है, जो यहाँ नहीं है।

Q5. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द सदैव एकवचन में ही प्रयुक्त होता है?

▸ Show answer & explanation

Answer: B

समूहवाचक संज्ञाएँ जैसे 'जनता', 'सेना', 'भीड़', 'सोना', 'जल' सदा एकवचन में प्रयुक्त होती हैं — 'जनता आई', न कि 'जनताएँ'। शेष शब्दों के स्पष्ट बहुवचन रूप बनते हैं।

Q6. 'साधु' शब्द का शुद्ध बहुवचन रूप कौन-सा है?

▸ Show answer & explanation

Answer: B

उकारांत पुल्लिंग 'साधु' अपरिवर्तित रहता है या 'गण/जन' जोड़कर बहुवचन बनता है — साधुगण, साधुजन। 'साधुएँ' स्त्रीलिंग नियम है जो यहाँ लागू नहीं होता।

Q7. 'बहू' शब्द का सही बहुवचन रूप क्या होगा?

▸ Show answer & explanation

Answer: B

ऊकारांत स्त्रीलिंग 'बहू' में अंतिम 'ऊ' ह्रस्व होकर 'एँ' जुड़ता है — बहू>बहुएँ। 'बहुओं' तिर्यक/कारक रूप है, कर्ता बहुवचन नहीं।

Q8. 'गुरु जी ने शिष्य को पुस्तक दी।' इस वाक्य में 'शिष्य को' किस कारक का उदाहरण है?

▸ Show answer & explanation

Answer: A

जिसके लिए या जिसे कुछ दिया जाए, वह संप्रदान कारक होता है, चिह्न 'को/के लिए'। यहाँ पुस्तक देने का लाभ 'शिष्य' को मिल रहा है, अतः संप्रदान कारक।

🔒 32 more questions

Attempt all 40 वचन, लिंग और कारक questions in real NTA exam format with timer and instant scoring.

Start practice test →
← Previous
उपसर्ग और प्रत्यय
Next →
वाक्य शुद्धि और वर्तनी