अनेकार्थी व श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द
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एक नज़र में
- अनेकार्थी शब्द वे होते हैं जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं; अर्थ का निर्णय प्रसंग से होता है। "कनक" का अर्थ सोना भी है और धतूरा भी; "हरि" विष्णु, सिंह, सूर्य, इंद्र — अनेक।
- CUET में किसी शब्द के अनेक अर्थ पूछे जाते हैं, या वाक्य में प्रयुक्त शब्द का सही अर्थ चुनवाया जाता है। यह शब्द-ज्ञान + प्रसंग-समझ दोनों परखता है।
- विधि — प्रमुख अनेकार्थी शब्दों के सब अर्थ याद रखो, और वाक्य में आने पर आस-पास के शब्दों से सही अर्थ तय करो।
- परीक्षा-सत्य: +5 / −1। शब्द का वही अर्थ चुनो जो इस वाक्य में बैठता है; सबसे प्रचलित अर्थ हमेशा सही नहीं होता।
भाग 1 — प्रमुख अनेकार्थी शब्द और उनके अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| कनक | सोना, धतूरा, गेहूँ |
| हरि | विष्णु, सिंह, सूर्य, इंद्र, सर्प, बंदर |
| अर्क | सूर्य, मदार (पौधा), रस/अर्क |
| काल | समय, मृत्यु, यमराज, अकाल |
| कर | हाथ, किरण, टैक्स, सूँड |
| अंबर | आकाश, वस्त्र, अमृत |
| पतंग | सूर्य, पक्षी, कागज़ की पतंग, टिड्डा |
| घन | बादल, हथौड़ा, घना, गणित का घन |
| जलज | कमल, मछली, शंख, मोती |
| नग | पर्वत, रत्न/नगीना, वृक्ष |
| पय | जल, दूध |
| वर | श्रेष्ठ, दूल्हा, वरदान |
| मित्र | दोस्त, सूर्य |
| गुरु | शिक्षक, बृहस्पति, भारी, बड़ा |
| पद | चरण, पदवी, छंद/पद, स्थान |
| सारंग | मोर, हिरन, साँप, बादल, कोयल, हाथी |
| द्विज | ब्राह्मण, पक्षी, दाँत |
| अक्षर | वर्ण, ईश्वर, नष्ट न होने वाला |
| उत्तर | जवाब, दिशा (उत्तर), बाद का |
| सोना | स्वर्ण, निद्रा लेना |
भाग 2 — और अनेकार्थी शब्द
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| आम | आम फल, सामान्य/साधारण |
| फल | फल (फ्रूट), परिणाम, लाभ |
| हल | समाधान, खेत जोतने का हल |
| तीर | बाण, किनारा |
| पतंग | (देखें भाग 1) |
| नाग | साँप, हाथी, पर्वत |
| मधु | शहद, मद्य, वसंत ऋतु, एक राक्षस |
| राशि | ढेर, ज्योतिष की राशि |
| वंश | कुल/खानदान, बाँस |
| श्री | लक्ष्मी, शोभा, संपत्ति, आदरसूचक |
| अंक | गोद, संख्या, नाटक का अंक, चिह्न |
| कोटि | प्रकार/श्रेणी, करोड़, धनुष का सिरा |
| गो | गाय, पृथ्वी, इंद्रिय, वाणी |
| बल | शक्ति, सेना, बलराम |
| भूत | प्रेत, बीता हुआ, प्राणी, पंचतत्व |
भाग 3 — प्रसंग से अर्थ तय करने की विधि
- पूरा वाक्य पढ़ो — अकेला शब्द नहीं, उसके आस-पास के शब्द अर्थ बताते हैं।
- कर्ता-कर्म देखो — "राजा ने कर लिया" में कर = टैक्स; "उसने कर जोड़े" में कर = हाथ।
- विषय पहचानो — धार्मिक प्रसंग में "हरि" प्रायः विष्णु; वन के प्रसंग में सिंह।
- हर विकल्प को वाक्य में रखकर देखो — जो अर्थ वाक्य को सार्थक बनाए, वही सही।
भाग 4 — हल किए हुए उदाहरण
- "किसान ने हल चलाया।" → हल = खेत जोतने का यंत्र (समाधान नहीं)।
- "सरकार ने कर बढ़ाया।" → कर = टैक्स।
- "कनक के आभूषण चमक रहे थे।" → कनक = सोना।
- "काल किसी को नहीं छोड़ता।" → काल = मृत्यु।
- "आकाश में पतंग उड़ रही थी।" → पतंग = कागज़ की पतंग।
- "गुरु का सम्मान करो।" → गुरु = शिक्षक।
- "अंबर में तारे टिमटिमाए।" → अंबर = आकाश।
- "इस प्रश्न का उत्तर दो।" → उत्तर = जवाब।
- "मधु ऋतु में फूल खिले।" → मधु = वसंत।
- "श्री राम वन को गए।" → श्री = आदरसूचक।
भाग 5 — सामान्य भ्रम (ट्रैप)
- सबसे प्रचलित अर्थ का जाल — परीक्षा प्रायः कम प्रचलित अर्थ पूछती है; "सोना" को केवल "स्वर्ण" मत मान लो, वह "निद्रा लेना" भी है।
- समोच्चरित शब्दों से भ्रम — "अंबर" (आकाश) और "अंबर" (वस्त्र) — एक ही शब्द, प्रसंग भिन्न।
- एक अर्थ देखकर रुक जाना — "हरि" के छह अर्थ हैं; वाक्य देखे बिना उत्तर मत दो।
- तुकबंदी का भ्रम — समान दिखने वाले पर भिन्न शब्द (पय/पय्य) में सावधानी।
भाग 4ख — और अनेकार्थी शब्द (विस्तृत सूची)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| तात | पिता, भाई, पुत्र, प्रिय |
| धर्म | कर्तव्य, पुण्य, स्वभाव, मज़हब |
| नायक | नेता, हीरो, हार का मध्यमणि |
| पानी | जल, चमक/आब, इज़्ज़त |
| बाल | केश, बच्चा, अनाज की बाली |
| माया | धन, छल, लक्ष्मी, भ्रम |
| रस | स्वाद, आनंद, काव्य-रस, द्रव |
| वर्ण | अक्षर, रंग, जाति |
| शिखर | चोटी, सर्वोच्च बिंदु |
| सर | सिर, तालाब, बाण |
| हंस | हंस पक्षी, आत्मा, सूर्य |
| अंग | शरीर का अंग, भाग, हिस्सा |
| कुल | वंश, समस्त/सब, किनारा |
| गति | चाल, दशा, मोक्ष, पहुँच |
| जड़ | मूल, मूर्ख, अचेतन |
भाग 4ग — प्रसंग आधारित अभ्यास
- "उसके चेहरे पर पानी था।" → पानी = चमक/इज़्ज़त।
- "धर्म ही जीवन का आधार है।" → संदर्भानुसार कर्तव्य/पुण्य।
- "बाल सँवारना।" → बाल = केश।
- "माया ने मोह में बाँध रखा है।" → माया = भ्रम/छल।
- "काव्य का शृंगार रस।" → रस = काव्य-रस।
- "पर्वत के शिखर पर बर्फ।" → शिखर = चोटी।
- "सर में कमल खिले।" → सर = तालाब।
- "हंस मानसरोवर में रहता है।" → हंस = पक्षी।
- "मनुष्य की गति मोक्ष है।" → गति = मोक्ष।
- "वह तो बिलकुल जड़ है।" → जड़ = मूर्ख।
भाग 6 — अनेकार्थी शब्द संदर्भ पर क्यों निर्भर हैं
भाषा की एक सुंदर विशेषता यह है कि शब्द अपना अर्थ अकेले नहीं, बल्कि अपने पड़ोस से ग्रहण करते हैं। यही कारण है कि अनेकार्थी शब्द के प्रश्न केवल शब्द-ज्ञान नहीं, बल्कि सक्रिय पठन की परीक्षा हैं — क्या आप यह देख पाते हैं कि शब्द के चारों ओर के शब्द उसका कौन-सा अर्थ खोल रहे हैं? उदाहरण के लिए "कर" शब्द को लीजिए: "सूर्य की कर" में यह किरण है, "राजा का कर" में टैक्स, "उसने कर जोड़े" में हाथ, और "हाथी ने कर उठाया" में सूँड। चार वाक्य, चार अर्थ — और हर बार निर्णायक संकेत आस-पास के शब्दों (सूर्य, राजा, जोड़ना, हाथी) में छिपा है। इसलिए सही विधि है — पहले शब्द के सब संभावित अर्थ मन में लाओ, फिर हर अर्थ को वाक्य में रखकर देखो कि कौन-सा अर्थ वाक्य को पूर्ण और सार्थक बनाता है; वही उत्तर है। यह "प्रतिस्थापन-परीक्षण" कभी असफल नहीं होता, क्योंकि केवल एक अर्थ ही वाक्य के अन्य शब्दों से तालमेल बैठाता है। साथ ही यह भी ध्यान रखिए कि परीक्षा जान-बूझकर कम प्रचलित अर्थ पूछती है, इसलिए "सोना = स्वर्ण" जैसे पहले अर्थ पर रुकिए मत; जब तक वाक्य न पढ़ लें, उत्तर तय मत कीजिए। यही सतर्कता अनेकार्थी प्रश्नों को कठिनाई से निकालकर सुनिश्चित अंक में बदल देती है।
भाग 7 — अनेकार्थी, श्लेष और काव्य-सौंदर्य
अनेकार्थी शब्दों का ज्ञान केवल शब्दार्थ-प्रश्नों के लिए नहीं, बल्कि काव्य-समझ के लिए भी अनिवार्य है, क्योंकि हिंदी काव्य का एक प्रसिद्ध अलंकार — श्लेष — इन्हीं पर टिका है। श्लेष में एक ही शब्द एक साथ दो अर्थ देता है, और कवि इसी से चमत्कार उत्पन्न करता है। प्रसिद्ध उदाहरण है — "रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून"; यहाँ "पानी" शब्द तीन अर्थों में प्रयुक्त है — मनुष्य के लिए इज़्ज़त, मोती के लिए चमक, और आटे के लिए जल। यह सौंदर्य तभी समझ आता है जब आप जानते हों कि "पानी" अनेकार्थी है। इसी प्रकार "कनक-कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय" में पहला "कनक" धतूरा और दूसरा सोना है — कवि कहता है कि सोने की मादकता धतूरे से सौ गुनी है। इसलिए अनेकार्थी शब्दों का अध्ययन आपको दो लाभ एक साथ देता है — शब्दार्थ के प्रश्नों में सही उत्तर, और गद्यांश/पद्यांश में श्लेष-अलंकार की पहचान, जो प्रायः अलग से भी पूछी जाती है। पढ़ते समय जब भी कोई शब्द दो अर्थ देता प्रतीत हो, रुककर सोचिए — कहीं यह श्लेष तो नहीं; यह आदत आपकी काव्य-दृष्टि को तीक्ष्ण बनाएगी।
भाग 8 — कंठस्थ करने और परखने की विधि
अनेकार्थी शब्दों को याद रखने का सर्वोत्तम तरीका है — प्रत्येक शब्द के लिए उसके सभी अर्थों का एक छोटा वाक्य-समूह बनाना, ताकि हर अर्थ एक प्रसंग के साथ बैठ जाए। जैसे "कर" शब्द के लिए: "सूर्य की कर (किरण) पड़ी", "राजा ने कर (टैक्स) लिया", "उसने कर (हाथ) जोड़े", "हाथी की कर (सूँड) उठी" — चार वाक्य, चार अर्थ, एक साथ याद। परीक्षा में जब वाक्य में प्रयुक्त शब्द का अर्थ पूछा जाए, तो प्रतिस्थापन-परीक्षण अपनाइए — हर संभावित अर्थ को वाक्य में रखकर देखिए कि कौन-सा वाक्य को सार्थक बनाता है। केवल एक अर्थ ही बाकी शब्दों से तालमेल बैठाएगा, और वही उत्तर है। यह भी स्मरण रखें कि परीक्षा प्रायः शब्द का कम प्रचलित अर्थ पूछती है — "सोना" को केवल "स्वर्ण" मान लेना भूल होगी, क्योंकि वह "निद्रा लेना" भी है; इसलिए वाक्य पढ़े बिना उत्तर तय न करें। नियमित अभ्यास से यह कौशल इतना सहज हो जाता है कि बहु-अर्थी शब्द कठिनाई के बजाय सुनिश्चित अंक बन जाते हैं।
भाग 9 — इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें
भाग 1, 2 और 4ख के शब्दों के सभी अर्थ याद करें (एक शब्द = अनेक अर्थ की मानसिकता बनाएँ), प्रसंग-विधि (भाग 3) तथा प्रतिस्थापन-परीक्षण (भाग 8) का अभ्यास करें, श्लेष से इसका संबंध (भाग 7) समझें, और हर विकल्प को वाक्य में रखकर परखें। पढ़ते समय मिलने वाले नए अनेकार्थी शब्द सूची में जोड़ते रहें।
एक पंक्ति का सार: अनेकार्थी शब्द का अर्थ शब्दकोश नहीं, वाक्य तय करता है — सब अर्थ याद रखो, हर अर्थ को वाक्य में रखकर परखो, और कम प्रचलित अर्थ के लिए सतर्क रहो।
Practice questions
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Q1. 'बल' और 'वल' से भिन्न, 'बात' अनेकार्थी न होकर 'पानी' अनेकार्थी है। 'पानी' का निम्नलिखित में से कौन-सा अर्थ नहीं है?
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Answer: D
'पानी' अनेकार्थी शब्द है जिसके अर्थ हैं — जल, इज्जत/प्रतिष्ठा (पानी उतरना) तथा चमक/आभा (मोती का पानी)। 'वायु' इसका अर्थ नहीं है।
Q2. अनेकार्थी शब्द 'पतंग' के निम्नलिखित में से कौन-से सभी अर्थ सही हैं?
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Answer: A
'पतंग' अनेकार्थी शब्द है जिसके अर्थ हैं — सूर्य, हवा में उड़ने वाली गुड्डी तथा टिड्डा/पतिंगा। अन्य विकल्पों में असंगत अर्थ हैं।
Q3. 'ग्रह' और 'गृह' युग्म में 'गृह' का सही अर्थ क्या है?
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Answer: B
'गृह' का अर्थ घर या मकान है, जबकि 'ग्रह' का अर्थ आकाशीय पिंड (जैसे मंगल, शनि) होता है।
Q4. इस वाक्य में रेखांकित शब्द का उपयुक्त अर्थ चुनिए: "वर्षा ऋतु में 'अंबर' मेघों से ढक जाता है।"
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Answer: B
'अंबर' अनेकार्थी शब्द है जिसके अर्थ आकाश, वस्त्र तथा एक सुगंधित द्रव्य हैं। मेघों के संदर्भ में यहाँ 'आकाश' अर्थ उपयुक्त है।
Q5. 'अपेक्षा' और 'उपेक्षा' युग्म में 'उपेक्षा' का सही अर्थ है—
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Answer: B
'उपेक्षा' का अर्थ अनदेखी, तिरस्कार या उदासीनता है, जबकि 'अपेक्षा' का अर्थ आशा या तुलना में होता है।
Q6. अनेकार्थी शब्द 'घन' का निम्नलिखित में से कौन-सा अर्थ नहीं है?
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Answer: D
'घन' के अर्थ हैं — बादल, हथौड़ा, सघन/घना तथा गणित में किसी संख्या का तीसरा घात। 'कमल' इसका अर्थ नहीं है।
Q7. इस वाक्य में रेखांकित शब्द का उपयुक्त अर्थ चुनिए: "न्यायाधीश ने निष्पक्ष होकर 'फल' सुनाया।"
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Answer: B
'फल' अनेकार्थी शब्द है जिसके अर्थ वृक्ष का फल, परिणाम/नतीजा तथा लाभ हैं। न्यायाधीश के निर्णय के संदर्भ में 'परिणाम/नतीजा' अर्थ उपयुक्त है।
Q8. 'कुल' और 'कूल' युग्म में 'कूल' का सही अर्थ क्या है?
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Answer: B
'कूल' का अर्थ नदी का किनारा या तट है, जबकि 'कुल' का अर्थ वंश, परिवार अथवा समस्त होता है।
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