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Exam Topic CUET Hindi · 102 40 practice MCQs

व्याकरण: संज्ञा/सर्वनाम/विशेषण/क्रिया/अव्यय

व्याकरण: संज्ञा/सर्वनाम/विशेषण/क्रिया/अव्यय is a frequently tested area in CUET Hindi. Work through these free NTA-style sample questions with full answers and explanations, then attempt all 40 in a timed practice test to build exam-day speed.

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एक नज़र में

भाग 1 — शब्द-भेद के चार आधार

Written and reviewed by Omveer Thakur, English & Languages faculty at UniDrill (M.A. English, University of Delhi · 9 years teaching). Prepared for the CUET UG Hindi paper.

एक ही शब्द पर अलग-अलग सवाल पूछे जा सकते हैं। "विद्यालय" का स्रोत क्या है? (तत्सम)। उसकी रचना कैसी है? (यौगिक)। वाक्य में उसका वर्ग क्या है? (संज्ञा)। इसलिए पहले जान लीजिए कि प्रश्न किस आधार से पूछा जा रहा है।

आधार क्या देखते हैं भेद
अर्थ शब्द का अर्थ है या नहीं सार्थक, निरर्थक
रचना शब्द कैसे बना रूढ़, यौगिक, योगरूढ़
स्रोत (उत्पत्ति) शब्द कहाँ से आया तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी (और संकर)
प्रयोग (रूप-परिवर्तन) वाक्य में रूप बदलता है या नहीं विकारी, अविकारी (आठ शब्द-वर्ग)

सार्थक शब्द वे हैं जिनका कोई अर्थ है (घर, पानी)। निरर्थक शब्द वे हैं जो केवल सार्थक शब्द के साथ लगकर बोले जाते हैं और जिनका अपना अर्थ नहीं होता: "पानी-वानी" में "वानी", "चाय-वाय" में "वाय"।

भाग 2 — रचना के आधार पर: रूढ़, यौगिक, योगरूढ़

रचना का आधार यह है कि शब्द के खंड करने पर खंडों का कोई अर्थ निकलता है या नहीं।

भेद पहचान उदाहरण
रूढ़ खंड करने पर खंडों का कोई अर्थ नहीं कमल (क + मल), घर, हाथ, कान, पानी, रात
यौगिक दो या अधिक सार्थक खंडों से बना, अर्थ खंडों का जोड़ विद्यालय (विद्या + आलय), राजपुत्र, प्रहार, सुंदरता
योगरूढ़ बना यौगिक की तरह, पर अर्थ एक विशेष वस्तु में रूढ़ हो गया पंकज (कमल), जलज (कमल), दशानन (रावण), लंबोदर (गणेश)

यौगिक शब्द तीन तरीकों से बनते हैं: उपसर्ग लगाने से (प्रहार), प्रत्यय लगाने से (सुंदरता) और समास से (राजपुत्र)। योगरूढ़ का आधार यह है कि "पंकज" का शाब्दिक अर्थ है "कीचड़ में जन्मा", जो मेंढक या कीड़े पर भी लग सकता है; पर परंपरा से यह अर्थ केवल कमल के लिए बँध गया। इसी बंधन के कारण वह यौगिक नहीं, योगरूढ़ कहलाता है।

रुकिए और सोचिए: "जलज" का शाब्दिक अर्थ "जल में जन्मा" है। फिर इसे यौगिक के बजाय योगरूढ़ क्यों कहते हैं?

उत्तर जाँचिए: जल में तो मछली और शैवाल भी जन्म लेते हैं, पर "जलज" शब्द आज केवल कमल के लिए चलता है। शाब्दिक अर्थ विशेष अर्थ में बँध गया, इसलिए यह योगरूढ़ है।

भाग 3 — स्रोत के आधार पर

भेद अर्थ उदाहरण
तत्सम संस्कृत के शब्द जो हिंदी में ज्यों के त्यों आए अग्नि, सूर्य, हस्त, रात्रि, विद्यालय
तद्भव संस्कृत से बदलकर (घिसकर) बने रूप आग, सूरज, हाथ, रात
देशज जिनका मूल संस्कृत में नहीं मिलता; लोक-बोलियों में बने लोटा, खिड़की, पगड़ी, ठेठ, खिचड़ी, झोला
विदेशी अन्य भाषाओं से आए कुर्सी (अरबी), बाज़ार (फ़ारसी), स्कूल (अंग्रेज़ी)
संकर दो भिन्न भाषाओं के खंडों से बने रेलगाड़ी (अंग्रेज़ी + हिंदी), छायादार (संस्कृत + फ़ारसी)

तत्सम का अर्थ है "उसके समान" (उसी के समान, यानी संस्कृत जैसा), और तद्भव का अर्थ है "उससे उत्पन्न"। तद्भव रूप इसलिए बने कि लोगों ने कठिन ध्वनियों को आसान उच्चारण में बदल लिया: सूर्य → सूरज, अग्नि → आग।

तत्सम तद्भव तत्सम तद्भव
अग्नि आग नृत्य नाच
अंधकार अँधेरा मुख मुँह
आश्चर्य अचरज रात्रि रात
कर्म काम सर्प साँप
कर्ण कान सूर्य सूरज
क्षेत्र खेत हस्त हाथ
गृह घर स्वप्न सपना
ग्राम गाँव कृषक किसान
चंद्र चाँद भ्राता भाई
दुग्ध दूध पुत्र पूत

विदेशी शब्दों के स्रोत भी पूछे जाते हैं।

भाषा उदाहरण
अरबी किताब, कलम, कानून, दुनिया, वकील, इनाम, कुर्सी
फ़ारसी बाज़ार, दुकान, आईना, चश्मा, सब्ज़ी, आसमान, गुलाब
तुर्की तोप, चाकू, कैंची, बारूद, बहादुर, कुली, बेगम
अंग्रेज़ी स्कूल, कॉलेज, रेल, टिकट, डॉक्टर, पेंसिल, बटन
पुर्तगाली अलमारी, कमीज़, चाबी, तौलिया, साबुन
चीनी, जापानी चाय, लीची (चीनी); रिक्शा (जापानी)

भाग 4 — प्रयोग के आधार पर: विकारी और अविकारी

व्याकरण में सबसे अधिक पूछा जाने वाला वर्गीकरण यही है। इसका आधार यह प्रश्न है: लिंग, वचन, कारक या काल के बदलने पर शब्द का रूप बदलता है या नहीं? बदलता है तो विकारी, नहीं बदलता तो अविकारी (अव्यय)।

शब्द रूप बदलता है? उदाहरण
विकारी हाँ लड़का → लड़के (संज्ञा); मैं → मुझे (सर्वनाम); अच्छा → अच्छी (विशेषण); जाता → गई (क्रिया)
अविकारी (अव्यय) नहीं धीरे, यहाँ, के बिना, और, अहा!
वर्ग काम उदाहरण
संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव का नाम राम, पुस्तक, दिल्ली, सुंदरता
सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर मैं, तुम, वह, यह, कोई
विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता अच्छा, लाल, चार, यह
क्रिया कार्य या अवस्था का बोध पढ़ना, जाना, है, था
क्रियाविशेषण क्रिया की विशेषता धीरे, यहाँ, अब, बहुत
संबंधबोधक संज्ञा का दूसरे शब्द से संबंध जोड़े के पास, के बिना, के ऊपर
समुच्चयबोधक शब्दों या वाक्यों को जोड़े और, या, किंतु, इसलिए
विस्मयादिबोधक भाव प्रकट करे अहा!, ओह!, हाय!, वाह!

पाठ्यपुस्तक से आगे। परीक्षा के लिए: आठ वर्ग ही मानक उत्तर हैं। वास्तव में: कुछ व्याकरण-पुस्तकें ही, भी, तो, तक, मात्र जैसे शब्दों को निपात नाम से अलग वर्ग मानती हैं, क्योंकि ये केवल बल देने या सीमा बाँधने का काम करते हैं। प्रश्न में विकल्प प्रायः इन्हीं आठ वर्गों में से दिए जाते हैं।

भाग 5 — संज्ञा और उसके भेद

संज्ञा नाम बताती है। नाम की प्रकृति के आधार पर भेद बनते हैं।

भेद अर्थ उदाहरण
व्यक्तिवाचक किसी विशेष व्यक्ति, स्थान, वस्तु का नाम राम, गंगा, भारत, हिमालय
जातिवाचक पूरी जाति या वर्ग का नाम लड़का, नदी, नगर, पर्वत
भाववाचक गुण, भाव या दशा का नाम (छू नहीं सकते) सुंदरता, बचपन, मिठास, क्रोध
समूहवाचक समूह का बोध सेना, सभा, परिवार, कक्षा
द्रव्यवाचक पदार्थ का बोध (नापने-तौलने योग्य) सोना, पानी, तेल, दूध

भाववाचक संज्ञा चार स्रोतों से बनती है: विशेषण से (सुंदर → सुंदरता, मीठा → मिठास), संज्ञा से (मित्र → मित्रता, बच्चा → बचपन), क्रिया से (पढ़ना → पढ़ाई, थकना → थकावट) और सर्वनाम से (अपना → अपनापन)। इसलिए "बनावट", "बुढ़ापा", "लड़ाई" जैसे शब्द भाववाचक संज्ञा हैं।

भाग 6 — सर्वनाम और उसके भेद

संज्ञा बार-बार दोहराने से वाक्य भारी हो जाता है, इसलिए उसके स्थान पर सर्वनाम आता है। छह भेद हैं।

भेद अर्थ उदाहरण
पुरुषवाचक बोलने वाला (उत्तम), सुनने वाला (मध्यम), जिसके बारे में बात हो (अन्य) मैं, हम; तू, तुम, आप; वह, वे
निश्चयवाचक किसी निश्चित वस्तु की ओर संकेत यह, वह, ये, वे
अनिश्चयवाचक अनिश्चित वस्तु या व्यक्ति कोई, कुछ
संबंधवाचक दो वाक्यों को जोड़कर संबंध बताए जो, सो, जैसा, वैसा
प्रश्नवाचक प्रश्न पूछे कौन, क्या
निजवाचक कर्ता स्वयं के लिए आप, स्वयं, खुद

"आप" शब्द दो रूपों में आता है: आदर के लिए मध्यम पुरुष ("आप कहाँ जा रहे हैं?") और निजवाचक ("मैं यह काम आप ही कर लूँगा")।

सर्वनाम और विशेषण का अंतर एक सीधे परीक्षण से तय होता है: यदि यह/वह/कौन/कोई के बाद संज्ञा आ जाए तो वह सर्वनाम नहीं, सार्वनामिक विशेषण है। "यह मेरी है" में यह सर्वनाम है; "यह पुस्तक मेरी है" में यह पुस्तक की ओर संकेत करने वाला विशेषण है।

भाग 7 — विशेषण और उसके भेद

भेद अर्थ उदाहरण
गुणवाचक गुण, रंग, आकार, दशा अच्छा, लाल, गोल, ठंडा, सुंदर
संख्यावाचक संख्या बताए (गिनी जा सके) चार, दूसरा, कुछ विद्यार्थी, कई लोग
परिमाणवाचक नाप या तौल बताए चार लीटर दूध, थोड़ा पानी, दो किलो आटा
सार्वनामिक सर्वनाम जो संज्ञा से पहले आए यह घर, वह लड़का, कौन आदमी, कोई व्यक्ति

संख्यावाचक और परिमाणवाचक में अंतर का आधार यह है कि वस्तु गिनी जाती है या नापी-तौली जाती है। "चार किताबें" गिनी जाती हैं (संख्यावाचक), जबकि "चार लीटर दूध" नापा जाता है (परिमाणवाचक)।

विशेषण की तीन तुलनात्मक अवस्थाएँ होती हैं।

अवस्था अर्थ उदाहरण
मूलावस्था केवल गुण सुंदर, श्रेष्ठ
उत्तरावस्था दो में तुलना सुंदरतर, श्रेष्ठतर; "राम श्याम से तेज़ है"
उत्तमावस्था अनेक में सबसे अधिक सुंदरतम, श्रेष्ठतम; "सबसे तेज़"

भाग 8 — क्रिया और उसके भेद

क्रिया कार्य या अवस्था का बोध कराती है। परीक्षा में सबसे अधिक सकर्मक-अकर्मक पूछा जाता है। सरल परीक्षण है: क्रिया से पहले "क्या" या "किसे" लगाकर पूछिए। उत्तर मिले तो सकर्मक, न मिले तो अकर्मक।

भेद पहचान उदाहरण
सकर्मक कर्म चाहिए; "क्या/किसे" का उत्तर मिलता है राम फल खाता है (क्या खाता है? फल)
अकर्मक कर्म नहीं चाहिए बच्चा हँसता है (क्या हँसता है? उत्तर नहीं)
द्विकर्मक दो कर्म चाहिए माँ ने बच्चे को कहानी सुनाई
प्रेरणार्थक कर्ता दूसरे से कराए पढ़ना → पढ़ाना → पढ़वाना
संयुक्त दो क्रियाएँ मिलकर एक अर्थ दें उठ बैठा, खा लिया, चल दिया
सहायक मुख्य क्रिया की सहायता करे है, था, रहा है, सकता है
पूर्वकालिक मुख्य क्रिया से पहले हुई खाकर जाओ, पढ़कर सोया

काल की दृष्टि से क्रिया तीन कालों में बँटती है: भूतकाल (गया), वर्तमान काल (जाता है) और भविष्यत् काल (जाएगा)।

भाग 9 — अव्यय: चार वर्ग

अव्यय का रूप लिंग, वचन या कारक से नहीं बदलता। इसीलिए "धीरे" हमेशा "धीरे" रहता है, चाहे लड़का हो या लड़की।

वर्ग भेद उदाहरण
क्रियाविशेषण कालवाचक (कब) आज, कल, अब, तब, सदा
स्थानवाचक (कहाँ) यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, आगे
परिमाणवाचक (कितना) बहुत, कम, थोड़ा, खूब
रीतिवाचक (कैसे) धीरे, जल्दी, अचानक, ध्यानपूर्वक
संबंधबोधक संज्ञा या सर्वनाम के बाद संबंध के पास, के बिना, के कारण, के साथ, तक
समुच्चयबोधक समानाधिकरण (समान स्तर के वाक्य जोड़े) और, तथा (संयोजक); या, अथवा (विभाजक); परंतु, किंतु, लेकिन (विरोध); इसलिए, अतः (परिणाम)
व्यधिकरण (मुख्य और आश्रित वाक्य जोड़े) क्योंकि, चूँकि (कारण); ताकि (उद्देश्य); यदि... तो (संकेत); अर्थात, यानी (स्वरूप)
विस्मयादिबोधक हर्ष अहा! वाह! शाबाश!
शोक हाय! उफ़! आह!
आश्चर्य अरे! ओह!
घृणा छि! धिक्!
संबोधन हे! अरे! ओ!

भाग 10 — एक ही शब्द अनेक वर्ग: कार्य देखो, शब्द नहीं

शब्द का वर्ग शब्दकोश से नहीं, वाक्य में उसके काम से तय होता है। यही कारण है कि परीक्षा में एक ही शब्द दो वाक्यों में अलग-अलग वर्ग का मिलता है।

शब्द पहला वाक्य वर्ग दूसरा वाक्य वर्ग
यह यह पुस्तक मेरी है। सार्वनामिक विशेषण यह मेरी है। सर्वनाम
कल कल मैं आऊँगा। क्रियाविशेषण मशीन का कल बिगड़ गया। संज्ञा
अच्छा अच्छा लड़का आया। विशेषण अच्छा! तुम आ गए। विस्मयादिबोधक
बाहर वह बाहर गया। क्रियाविशेषण घर के बाहर बच्चे हैं। संबंधबोधक (के बाहर)
तेज़ तेज़ घोड़ा दौड़ा। विशेषण घोड़ा तेज़ दौड़ा। क्रियाविशेषण
सोना सोना महँगा है। द्रव्यवाचक संज्ञा बच्चा सोना चाहता है। क्रिया

रुकिए और सोचिए: "वह धीरे चलता है" में "धीरे" विशेषण है या क्रियाविशेषण?

उत्तर जाँचिए: धीरे क्रिया "चलता है" की रीति बताता है, किसी संज्ञा की विशेषता नहीं। यह क्रियाविशेषण (रीतिवाचक) है। यदि वाक्य "धीमी चाल" होता, तो "धीमी" विशेषण होता, क्योंकि वह संज्ञा "चाल" की विशेषता बताता है।

भाग 11 — CUET में पूछे जाने वाले प्रश्न-प्रकार

प्रश्न-प्रकार नमूना कैसे हल करें
रेखांकित शब्द का वर्ग "वह धीरे चला" में रेखांकित शब्द वाक्य में काम देखें
संज्ञा/सर्वनाम/विशेषण का उपभेद "सुंदरता" का भेद विशेषण से बना भाव, इसलिए भाववाचक
तत्सम-तद्भव जोड़ी "क्षेत्र" का तद्भव खेत; तालिका याद रखें
स्रोत पहचान "तोप" किस भाषा का तुर्की; तालिका याद रखें
रचना-भेद "पंकज" किस रचना का शाब्दिक और रूढ़ अर्थ भिन्न, इसलिए योगरूढ़
विकारी या अविकारी "के बिना" का वर्ग रूप नहीं बदलता, संबंधबोधक (अव्यय)
अलग शब्द चुनिए चार में से अव्यय नहीं हर विकल्प को वाक्य में रखकर रूप बदलकर देखें

भाग 12 — हल सहित उदाहरण

क्र. प्रश्न उत्तर तर्क
1 गंगा हिमालय से निकलती है। रेखांकित: गंगा व्यक्तिवाचक संज्ञा एक विशेष नदी का नाम
2 सेना ने नगर घेर लिया। रेखांकित: सेना समूहवाचक संज्ञा अनेक सैनिकों का समूह
3 बचपन सुहावना होता है। रेखांकित: बचपन भाववाचक संज्ञा अवस्था का नाम
4 यह पुस्तक मेरी है। रेखांकित: यह सार्वनामिक विशेषण संज्ञा "पुस्तक" से पहले
5 चार किताबें मँगाओ। रेखांकित: चार संख्यावाचक विशेषण किताबें गिनी जाती हैं
6 चार लीटर दूध लाओ। रेखांकित: चार लीटर परिमाणवाचक विशेषण दूध नापा जाता है
7 वह कल आएगा। रेखांकित: कल क्रियाविशेषण (कालवाचक) समय बताता है, "कब?"
8 पेड़ के नीचे बच्चे खेलते हैं। रेखांकित: के नीचे संबंधबोधक संज्ञा "पेड़" का क्रिया से स्थान-संबंध
9 वह थका था, इसलिए सो गया। रेखांकित: इसलिए समुच्चयबोधक (परिणामदर्शक) दो वाक्य जोड़ता है
10 अरे! तुम यहाँ कैसे? रेखांकित: अरे विस्मयादिबोधक (आश्चर्य) भाव प्रकट करता है
11 माँ खाना बनाती है। रेखांकित: बनाती है सकर्मक क्रिया क्या बनाती है? खाना
12 रात्रि और रात तत्सम और तद्भव रात्रि संस्कृत रूप, रात घिसा रूप
13 पंकज किस रचना का है योगरूढ़ पंक + ज का अर्थ केवल कमल हुआ
14 कुर्सी, अलमारी, तोप के स्रोत अरबी, पुर्तगाली, तुर्की विदेशी शब्द

भाग 13 — सामान्य भूलें (ट्रैप)

ट्रैप यह क्यों लुभाता है सच्चाई
"यह", "कौन" को हमेशा सर्वनाम मानना शब्दकोश में ये सर्वनाम हैं संज्ञा के साथ आएँ तो सार्वनामिक विशेषण (यह घर, कौन आदमी)
विशेषण और क्रियाविशेषण में गड़बड़ "तेज़" दोनों में आता है संज्ञा की विशेषता हो तो विशेषण (तेज़ घोड़ा); क्रिया की हो तो क्रियाविशेषण (तेज़ दौड़ा)
क्रियाविशेषण और संबंधबोधक "बाहर", "नीचे" दोनों में आते हैं अकेला क्रिया से जुड़े तो क्रियाविशेषण; संज्ञा के साथ "के" लगाकर आए तो संबंधबोधक
मीठा / मिठास में भूल दोनों का अर्थ एक है मीठा गुण बताने वाला विशेषण है; मिठास गुण का नाम, यानी भाववाचक संज्ञा
सोना का एक ही वर्ग मानना शब्द एक ही दिखता है धातु हो तो द्रव्यवाचक संज्ञा; नींद हो तो क्रिया
तद्भव को देशज मानना दोनों संस्कृत जैसे नहीं लगते तद्भव का संस्कृत मूल मिलता है (आग ← अग्नि); देशज का नहीं (लोटा, पगड़ी)
जलज, पंकज को यौगिक कहना शाब्दिक अर्थ दिखता है अर्थ केवल कमल में रूढ़ हो गया है, इसलिए योगरूढ़
"आप" को केवल मध्यम पुरुष मानना अधिकतर इसी रूप में पढ़ा है निजवाचक भी है: "मैं आप ही कर लूँगा"

भाग 14 — तेज़ अभ्यास (उत्तर सहित)

प्रश्न उत्तर
"भारत" किस प्रकार की संज्ञा है व्यक्तिवाचक
"कक्षा" किस प्रकार की संज्ञा है समूहवाचक
"मिठास" किस प्रकार की संज्ञा है भाववाचक
"तेल" किस प्रकार की संज्ञा है द्रव्यवाचक
"कोई" किस प्रकार का सर्वनाम है अनिश्चयवाचक
"जो" किस प्रकार का सर्वनाम है संबंधवाचक
"स्वयं" किस प्रकार का सर्वनाम है निजवाचक
"कौन" किस प्रकार का सर्वनाम है प्रश्नवाचक
"चार किलो" किस प्रकार का विशेषण है परिमाणवाचक
"कुछ बच्चे" में "कुछ" अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
"पढ़ाना" किस प्रकार की क्रिया है प्रेरणार्थक
"हँसना" किस प्रकार की क्रिया है अकर्मक
"यहाँ" किस प्रकार का क्रियाविशेषण है स्थानवाचक
"बहुत" किस प्रकार का क्रियाविशेषण है परिमाणवाचक
"क्योंकि" किस वर्ग का शब्द है समुच्चयबोधक (कारणवाचक)
"हाय" किस वर्ग का शब्द है विस्मयादिबोधक (शोक)
"सूरज" का तत्सम रूप सूर्य
"साँप" का तत्सम रूप सर्प
"दुग्ध" का तद्भव रूप दूध
"चाकू" किस भाषा का शब्द है तुर्की
"बाज़ार" किस भाषा का शब्द है फ़ारसी
"दशानन" किस रचना का शब्द है योगरूढ़

भाग 15 — अभ्यास-योजना और जुड़े पृष्ठ

दिन समय क्या करें
1 20 मिनट चारों आधार और रचना के तीन भेद; हर भेद के चार उदाहरण
2 20 मिनट तत्सम-तद्भव सूची (भाग 3) बिना देखे लिखें; विदेशी शब्दों की तालिका
3 25 मिनट संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण के भेद; हर भेद का एक वाक्य बनाएँ
4 20 मिनट क्रिया और चारों अव्यय; सकर्मक-अकर्मक परीक्षण के 10 वाक्य
5 20 मिनट भाग 10 के जैसे दोहरे वर्ग वाले शब्द: दो-दो वाक्य बनाएँ
हर दिन 5 मिनट भाग 14 के 10 प्रश्न, प्रति प्रश्न 15 सेकंड

हर वाक्य-आधारित प्रश्न में पहले रेखांकित शब्द को हटाकर देखिए कि उसके बिना वाक्य में क्या कमी रहती है: नाम, विशेषता, कार्य या जोड़ने वाला। इससे वर्ग लगभग अपने आप निकल आता है।

विकारी शब्दों के रूप-परिवर्तन (लिंग, वचन, कारक) के नियम वचन, लिंग और कारक में हैं। यौगिक शब्दों के भीतर की संरचना उपसर्ग और प्रत्यय, समास और संधि के पृष्ठों में खुलती है। तत्सम शब्दों के पर्याय पर्यायवाची शब्द में मिलेंगे, और गलत प्रयोग पकड़ने के लिए वाक्य शुद्धि और वर्तनी उपयोगी है।

एक पंक्ति का सार: शब्द का वर्ग उसके वाक्य में काम से तय होता है; रूप बदले तो विकारी (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया), न बदले तो अविकारी (क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक), और रचना व स्रोत के भेद अलग से याद रखो।

Practice questions

Now test yourself. 8 free sample questions with explanations. 32 more in the timed practice test.

Q1. 'सेना ने दुश्मन पर आक्रमण किया।' इस वाक्य में 'सेना' शब्द किस संज्ञा भेद को दर्शाता है?

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Answer: C

'सेना' अनेक सैनिकों के समूह का बोध कराती है, अतः यह समूहवाचक (समुदायवाचक) संज्ञा है। समूहवाचक संज्ञा व्यक्तियों या वस्तुओं के समुदाय को दर्शाती है।

Q2. 'मैं यह काम स्वयं करूँगा।' इस वाक्य में 'स्वयं' किस प्रकार का सर्वनाम है?

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Answer: B

'स्वयं' कर्ता के अपने आप होने पर बल देता है, अतः यह निजवाचक सर्वनाम है। 'आप', 'स्वयं', 'खुद' निजवाचक सर्वनाम के रूप हैं।

Q3. 'चौथा लड़का सबसे आगे खड़ा है।' इस वाक्य में 'चौथा' किस प्रकार का संख्यावाचक विशेषण है?

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Answer: B

'चौथा' क्रम या स्थान का बोध कराता है (पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा), अतः यह क्रमवाचक संख्यावाचक विशेषण है।

Q4. 'वह अध्यापक जिसने मुझे पढ़ाया, बहुत विद्वान था।' इस वाक्य में 'जिसने' किस प्रकार का सर्वनाम है?

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Answer: B

'जिसने' पूर्व में आए संज्ञा 'अध्यापक' से संबंध जोड़कर उपवाक्य को मुख्य वाक्य से जोड़ रहा है, अतः यह संबंधवाचक सर्वनाम है।

Q5. रेखांकित शब्द का भेद पहचानिए: 'हिमालय भारत के उत्तर में स्थित है।' यहाँ 'हिमालय' किस प्रकार की संज्ञा है?

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Answer: B

'हिमालय' किसी एक विशेष पर्वत का नाम है, अतः यह व्यक्तिवाचक संज्ञा है। व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का बोध कराती है।

Q6. निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'अच्छा' शब्द क्रियाविशेषण के रूप में प्रयुक्त हुआ है?

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Answer: C

'वह अच्छा गाता है' में 'अच्छा' क्रिया 'गाता' की रीति बता रहा है, अतः क्रियाविशेषण है। शेष में 'अच्छा' संज्ञा 'लड़का', 'भोजन', 'घर' की विशेषता बताकर विशेषण है।

Q7. 'मोहन अच्छा लड़का है, वह रोज विद्यालय जाता है।' इस वाक्य में 'वह' सर्वनाम का कौन-सा भेद है?

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Answer: A

'वह' यहाँ निश्चित रूप से मोहन की ओर संकेत कर रहा है, अतः यह निश्चयवाचक (संकेतवाचक) सर्वनाम है, जो किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु की ओर इशारा करता है।

Q8. 'राम और श्याम बाजार गए।' इस वाक्य में 'और' किस प्रकार का अव्यय है?

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Answer: B

'और' दो शब्दों 'राम' तथा 'श्याम' को जोड़ रहा है, अतः यह समुच्चयबोधक (योजक) अव्यय है, जो शब्दों या वाक्यों को जोड़ता है।

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